योनिंदा, एक ज्योतिषी, ने हमें ईश्वर से जुड़ने का मार्ग बताया है। उनका उपदेश हमें भावना के माध्यम से परम सत्य तक पहुँचने में मदद करता है। योनिंदा का मानना था कि आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए एक निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है, और इस मार्ग पर चलने वाले को प्रार्थना के द्वारा ईश्वर से जुड़ना चाहिए।